जब भोजपुरिया लोग सुतल होखे
तब आपन बात कह रहल बा केहू
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शनिवार, 9 जुलाई 2011
आम आदमी(गजल)
आखिर के बा
S
इहाँ आम आदमी।
रोज पूछेला ई सुबह शाम आदमी।
आम सय में आ ई चार आना में
बजारे बिकाता सरेआम आदमी।
कुत्तो आदमी कह के गारी देता
खूबे कमइले बा
S
नाम आदमी।
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